सावन के गरजते बादलों का शोर नहीं है
पर एक कोहरा है
पर एक कोहरा है
ठंडक है नमी भी है
और कुछ ख़ामोशी भी
और कुछ ख़ामोशी भी
सुर्ख़ धूप ठण्ड की चादर ओढ़े
जाने कहाँ ग़ुम है सूरज
जाने कहाँ ग़ुम है सूरज
जो मेहमाननवाज़ी का
मन न हो तो - - -
मन न हो तो - - -
हसीन बातें मत करना
मेहमान परिंदे
बार - बार नहीं आते
बार - बार नहीं आते
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