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सच बनाओ

बरकत की बारिशें हों फसले अमन उगाओ 
ख़ुशियों के बीज बोकर बस प्रेम गीत गाओ 
गर चाहिए जो बेहतर अपने आज से कल 
मीठे से ख़्वाब देखो फिर उनको सच बनाओ...
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