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ठहरा ही रहने दो

फ़ज़ा में तुम दुपट्टे को मेरे फहरा ही रहने दो 
हया का इन निगाहों पर कोई पहरा ही रहने दो 
समंदर आसमानी है या कश्ती आसमाँ में है 
बड़ा पाकीज़ा पानी है उसे ठहरा ही रहने दो 
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