मेरी खिड़की से
एक नदी दिखती है
उसके साहिल पे तू
एक तूफाँ .......
मन में समाये बैठा है
मेरा लहर - लहर
जिया होय
कि मेरा
ख़ुद पर ज़ोर नहीं
कई बार ....
जी किया
तेरे कंधे पर
पीछे से हाथ रख दूँ
तेरी ख़ामोशियों में
ख़लल डाल दूँ
कह दूँ तुमसे
कि चलो कह लो मुझसे
अच्छा - बुरा
जो भी मन में हो
अपने आँचल में समेट लूँ
तुम्हारे आँसू
और मीठी रहे वो नदी
जो साथ है तुम्हारे
हर शिकन मिटा दूँ
हथेलियों से
ताकि मुँह धो तो
असर ना हो
लहरों की शोख़ियों पर
मेरा तुमसे रिश्ता
बस इतना है
कि रोज़ देखा है तुम्हें
और हक़ जताने को
जी करता है ....
कुछ ऐसे ....
कुछ ऐसे कि ....
जनम दिया हो
अपनी कोख से तुम्हें
=============
30thsep.2013
===============
एक नदी दिखती है
उसके साहिल पे तू
एक तूफाँ .......
मन में समाये बैठा है
मेरा लहर - लहर
जिया होय
कि मेरा
ख़ुद पर ज़ोर नहीं
कई बार ....
जी किया
तेरे कंधे पर
पीछे से हाथ रख दूँ
तेरी ख़ामोशियों में
ख़लल डाल दूँ
कह दूँ तुमसे
कि चलो कह लो मुझसे
अच्छा - बुरा
जो भी मन में हो
अपने आँचल में समेट लूँ
तुम्हारे आँसू
और मीठी रहे वो नदी
जो साथ है तुम्हारे
हर शिकन मिटा दूँ
हथेलियों से
ताकि मुँह धो तो
असर ना हो
लहरों की शोख़ियों पर
मेरा तुमसे रिश्ता
बस इतना है
कि रोज़ देखा है तुम्हें
और हक़ जताने को
जी करता है ....
कुछ ऐसे ....
कुछ ऐसे कि ....
जनम दिया हो
अपनी कोख से तुम्हें
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30thsep.2013
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