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बहुत हैं

कहने को तो हर गाम पे ग़मख़्वार बहुत हैं 
इस छोटी सी दुनिया में होशियार बहुत हैं 
अब देखना है आज तेरा रुख़ किधर को है 
मंज़िल है तू औ तेरे तलबगार बहुत हैं

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