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इतनी मासूम

तू इतनी मासूम है 
कि ख़ुद ब ख़ुद तुझ पर 
प्यार आ जाये 
काश मैं तुम्हारा सरपरस्त होता 
पर तू इतनी मासूम है 
कि सोचता हूँ
वो कितना ख़याल रखता होगा
जिसके साथ
तू इतनी खुश है
तू इतनी भोली है
तुझे बहलाना कोई मुश्किल नहीं
पर क्या सचमुच
बहलाने का हौसला है मुझमें
मैं ज़ार - ज़ार रोया था
जब तुझे धोखे दिए
मेरे वादे बिना शिकन
मान लेती है तू
और अनवरत बढ़ती जाती है
तेरी प्रतीक्षा मेरे प्रयासों के साथ
तू ........
मेरी ताकत भी
मेरी कमज़ोरी भी
तुझे बस प्यार किया जा सकता है
भला कोई इतना भी मासूम होता है
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