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लौट आओ

तुम रोज़ मुझसे झगड़ते थे
और मैं - - -
रो देती थी
मेरे आँसू - - - 
बेअसर होते थे
तुम नहीं बदले
और वक़्त के साथ
मज़बूत होता गया
हमारा तक़रार का रिश्ता
उस रोज़
जब विदा का वक़्त था
तुमने प्यार जताया
मैंने देखा
तुम्हारी आँखें नम थीं
वो आँसू
बेअसर नहीं थे
मैं खड़ी हूँ
तुम बिन
तुम्हारे साथ
और - - -
मज़बूत होता जा रहा है
हमारा प्यार का रिश्ता
लौट आओ
यहाँ - - -
मुझसे झगड़ने वाला कोई नहीं
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