शऊरे ज़िंदगी सिखलाये है आवारगी उसकी
ग़ज़ब ऐज़ाज़ सा बिखराये है आवारगी उसकी
जो हर लमहा बुझा सा था ख़ुदी का दिल जलाकर भी
बना शोला क़यामत ढाये है आवारगी उसकी
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ऐज़ाज़ = जादू
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ग़ज़ब ऐज़ाज़ सा बिखराये है आवारगी उसकी
जो हर लमहा बुझा सा था ख़ुदी का दिल जलाकर भी
बना शोला क़यामत ढाये है आवारगी उसकी
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ऐज़ाज़ = जादू
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