जीत जाने की खुशी में ,
हार का दुःख भूल बैठे
पा लिया मंजिल को और अब ,
राह का सुख भूल बैठे
गुज़रे समय का हर सफ़र ,
तुमने भुला डाला मगर
थे कभी हम हमसफ़र ,
तुम ये भला क्यों भूल बैठे
हार का दुःख भूल बैठे
पा लिया मंजिल को और अब ,
राह का सुख भूल बैठे
गुज़रे समय का हर सफ़र ,
तुमने भुला डाला मगर
थे कभी हम हमसफ़र ,
तुम ये भला क्यों भूल बैठे
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