चटक गगरिया ले , सावनी चुनरिया में
घुँघटा उड़ाती गोरी , पनघट अइहे
पानी भी पिलाएगी वो , प्यास भी बढ़ाएगी वो
बावरा बनाएगी तू , समझ न पइहे
कभी मुसकाये गोरी , अँखियाँ मिलाये छोरी
शोख़ियाँ शरम भरी , जान लेके जइहे
धीरे - धीरे चलो सखी , हौले - हौले चलो सखी
बजेगी पायलिया तो , सासू जग जइहे
घुँघटा उड़ाती गोरी , पनघट अइहे
पानी भी पिलाएगी वो , प्यास भी बढ़ाएगी वो
बावरा बनाएगी तू , समझ न पइहे
कभी मुसकाये गोरी , अँखियाँ मिलाये छोरी
शोख़ियाँ शरम भरी , जान लेके जइहे
धीरे - धीरे चलो सखी , हौले - हौले चलो सखी
बजेगी पायलिया तो , सासू जग जइहे
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