हर लहर पलट डाली
समुन्दर की थाह पाने को
जैसे सीप चुन ले
अपनी मनचाही बूँद
खोज रही हूँ वो रिश्ता
जो साथ रखता है
पैरों तले सरकती रेत
और खारे पानी को
और उनके दरमियाँ
प्रीति कहाँ है पीर कहाँ
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समुन्दर की थाह पाने को
जैसे सीप चुन ले
अपनी मनचाही बूँद
खोज रही हूँ वो रिश्ता
जो साथ रखता है
पैरों तले सरकती रेत
और खारे पानी को
और उनके दरमियाँ
प्रीति कहाँ है पीर कहाँ
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