कोई अलमस्त है ख़ुद में कोई खुश है फ़क़ीरी में
जो सबसे बेनियाज़ी हो वही रहता अमीरी में
उसे है आरज़ू किसकी जो ख़ुद सबकी दुआओं में
दिलों पर राज जो कर ले तो क्या रक्खा वज़ीरी में
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बेनियाज़ी = निस्पृहता / किसी चीज़ की इच्छा न होना
जो सबसे बेनियाज़ी हो वही रहता अमीरी में
उसे है आरज़ू किसकी जो ख़ुद सबकी दुआओं में
दिलों पर राज जो कर ले तो क्या रक्खा वज़ीरी में
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बेनियाज़ी = निस्पृहता / किसी चीज़ की इच्छा न होना
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