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वो बादल

वो बादल जो ज़रा सी बात पर तूफाँ उठाता है 
ज़रा टकरा गया राहों में कितना गड़गड़ाता है 
मगर धरती ने अपने प्यार से सब कुछ बदल डाला 
उड़ता आसमानी जानी पानी बन ही जाता है 
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