कुछ चोरी कुछ सीनाज़ोरी :) बड़ी मेहनत से चुराया है :)
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1 -
===
रोज़ मैं तुम्हें देखती थी
खिड़की की सलाखों के पीछे से
तुम सड़क पर...
खुले आसमान के नीचे
मैं क़ैद और तुम आज़ाद होते थे
ये दुआओं का कैसा असर था
आज मैं तो आज़ाद थी
और तुम कब्र में क़ैद ....
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2 -
===
मेरे पास से गुज़र कर मेरा हाल तक न पूछा
मैं कैसे जान लूँ , दूर जाकर वो रोये ....
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3 -
===
जिस्म बनने की जद्दोजहद में
रिश्तों के साए ..
रोशनी के मोहताज थे
तभी कहीं आसपास
वफ़ाओं ने रोशनी कर दी ..
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4 -
===
वक़्त ने मुझे आजमाया
और ..वक़्त हार गया
बदले लिबास में
फिर प्यार मेरे साथ है ..:))
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5 -
===
मैं सागर हूँ ...
आज खारा पर ...
कभी मीठा हुआ करता था
पर्वतों का दर्द
मुझमे घुल गया है ..
6 -
===
नहीं हूँ मैं नैन सी
पर ...
मैं कैसी हूँ..
नहीं बताऊँगी..
नहीं डरती मैं
डूबने से प्यार के समुन्दर में
पर - - -
मैं किससे डरती हूँ
कभी नहीं बताऊँगी :)
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1 -
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रोज़ मैं तुम्हें देखती थी
खिड़की की सलाखों के पीछे से
तुम सड़क पर...
खुले आसमान के नीचे
मैं क़ैद और तुम आज़ाद होते थे
ये दुआओं का कैसा असर था
आज मैं तो आज़ाद थी
और तुम कब्र में क़ैद ....
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2 -
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मेरे पास से गुज़र कर मेरा हाल तक न पूछा
मैं कैसे जान लूँ , दूर जाकर वो रोये ....
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3 -
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जिस्म बनने की जद्दोजहद में
रिश्तों के साए ..
रोशनी के मोहताज थे
तभी कहीं आसपास
वफ़ाओं ने रोशनी कर दी ..
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4 -
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वक़्त ने मुझे आजमाया
और ..वक़्त हार गया
बदले लिबास में
फिर प्यार मेरे साथ है ..:))
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5 -
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मैं सागर हूँ ...
आज खारा पर ...
कभी मीठा हुआ करता था
पर्वतों का दर्द
मुझमे घुल गया है ..
6 -
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नहीं हूँ मैं नैन सी
पर ...
मैं कैसी हूँ..
नहीं बताऊँगी..
नहीं डरती मैं
डूबने से प्यार के समुन्दर में
पर - - -
मैं किससे डरती हूँ
कभी नहीं बताऊँगी :)
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